उपराष्ट्रपति ने किया NCC Republic Day Camp 2026 का उद्घाटन; बोले– “आप नए भारत की पहचान हैं”
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस शिविर में भारत के सभी 17 निदेशालयों से कुल 2406 कैडेट भाग ले रहे हैं। महिला सशक्तिकरण की झलक दिखाते हुए इस दल में 898 महिला कैडेट शामिल हैं। 28 जनवरी तक चलने वाले इस शिविर का समापन पारंपरिक रूप से प्रधानमंत्री रैली के साथ होगा।

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज दिल्ली कैंट स्थित डीजी एनसीसी कैंप में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) 2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश भर से आए कैडेटों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें ‘नए भारत की पहचान’ और ‘विकसित भारत’ का आधार स्तंभ बताया।
अनुशासित और सशक्त युवाओं का संगम
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस शिविर में भारत के सभी 17 निदेशालयों से कुल 2406 कैडेट भाग ले रहे हैं। महिला सशक्तिकरण की झलक दिखाते हुए इस दल में 898 महिला कैडेट शामिल हैं। 28 जनवरी तक चलने वाले इस शिविर का समापन पारंपरिक रूप से प्रधानमंत्री रैली के साथ होगा।
शिविर के दौरान कैडेट विभिन्न प्रतिस्पर्धी गतिविधियों में शामिल होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता
- लघु शस्त्र फायरिंग (Small Arms Firing)
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- गणतंत्र दिवस परेड मार्चिंग दस्ता
भव्य स्वागत और हॉल ऑफ फेम का दौरा
कार्यक्रम की शुरुआत में सेना, नौसेना और वायु सेना के कैडेटों ने उपराष्ट्रपति को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। इसके पश्चात गुवाहाटी के सेंट फ्रांसिस डी सेल्स स्कूल (NER निदेशालय) की छात्राओं के बैंड ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। उपराष्ट्रपति ने एनसीसी ‘हॉल ऑफ फेम’ का भी दौरा किया, जहाँ इस संस्था के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया गया है।
“2047 के विकसित भारत की नींव हैं कैडेट”
कैडेटों को संबोधित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि एनसीसी की 78 साल की विरासत ने देश को हमेशा जिम्मेदार और देशभक्त नागरिक दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का लक्ष्य अनुशासित और कुशल युवाओं पर निर्भर है। आप केवल शिविर के प्रतिभागी नहीं, बल्कि उस नए भारत की पहचान हैं जो 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।”
वीरता और समाज सेवा की सराहना
उपराष्ट्रपति ने कैडेटों के साहस की प्रशंसा करते हुए वर्ष 2025 में 10 एनसीसी कैडेटों द्वारा माउंट एवरेस्ट की सफल चढ़ाई का विशेष उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में एनसीसी के योगदान को रेखांकित किया:
- ऑपरेशन सिंदूर: नागरिक सुरक्षा और आपदा राहत में 75,000 जवानों का योगदान।
- आपदा प्रबंधन: वायनाड बाढ़ राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका
- सामाजिक अभियान: पुनीत सागर अभियान, ‘एक पेड़ मां के नाम’, नशा मुक्त भारत और ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियानों में भागीदारी
समारोह के अंत में उपराष्ट्रपति ने कैडेटों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया और सभी प्रतिभागियों को गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।